Sege capital opposition all set to attack on the nda government on demonetisation issue protest in parliament premises

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शीतकालीन सत्र की शुरुआत से नोटबंदी पर विपक्ष के हमले झेल रही मोदी सरकार की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. यूनाइटेड अपोजिशन फ्रन्ट ने बुधवार सुबह 9.30 बजे सांसदों की बैठक के बाद संसद परिसर में महात्मा गांधी के स्टैच्यू के पास विरोध प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में 12 राजनीतिक पार्टियों के करीब 200 एमपी शामिल हुए.


अनुमान है कि बीएसपी के 7, सपा के 24, कांग्रेस के 95, एनसीपी के 10, टीएमसी के 45, आरजेडी के 6, जेडीयू के 18, वाईएसआर के 12, जेएमएम के 2, डीएमके के 4, सीपीएम के 20, सीपीआई के 1 सांसद प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे. सभी एमपी सुबह 10 बजे प्रदर्शन के लिए पहुंचे.

नोटबंदी पर केंद्रित रहने के लिए सभी पार्टी एक ही झंडे (तिरंगा) का इस्तेमाल करेगी और पार्टियों का अपना-अपना झंडा इस्तेमाल नहीं होगा. सभी पार्टी के सांसद कॉमन नारे भी लगाएंगे. मोदी जी की मन की बात, गरीबों के पेट में लात, जैसे नारे लगाए जाएंगे. पहले से ही हिन्दी और अंग्रेजी में अलग-अलग नारों को तैयार किया जा रहा है.


मिली जानकारी के अनुसार प्रदर्शन के बाद 11 बजे सभी सांसद राज्यसभा और लोकसभा में चले जाएंगे. राज्यसभा और लोकसभा में भी सांसद अपनी मांगों को दोहराएंगे. विपक्ष का तीन प्रमुख मांगों पर फोकस रहेगा. विपक्ष की मांग है कि नियम 156 के तहत चर्चा हो, पीएम मोदी भी नोटबंदी पर हो रही बहस के दौरान मौजूद रहें और नोटबंदी की जानकारी लीक करने के आरोप पर जेपीसी जांच शुरू हो. विपक्ष ने चेतावनी दी है कि मांगे नहीं माने जाने पर संसद को बाधित किया जाएगा.


बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी नोटबंदी पर सरकार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगी. सुबह हो रही विपक्ष की बैठक में फैसला लिया जाएगा कि ममता बनर्जी के प्रदर्शन में सब शामिल हों या नहीं. वहीं कांगेस ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है. समय मिलने पर विपक्ष प्रणव मुखर्जी से मिलने जा सकता है. समय मिलने के बाद राष्ट्रपति भवन तक नोटबंदी के खिलाफ संयुक्त प्रदर्शन निकालने पर भी विचार किया जाएगा. राष्ट्रपति से मुलाकात कर नोटबंदी से आम जनता को हो रही दिक्कतों की जानकारी दी जाएगी. सरकार को चौतरफा घेरने की कोशिश में बुधवार को ही कांग्रेस शाम 4 बजे अपने पार्टी मुख्यालय से प्रधानमंत्री आवास तक प्रदर्शन करेगी. विपक्ष के नेताओं ने ये भी साफ किया कि एनडीए सरकार की प्रतिक्रिया को देख हर कुछ घंटे पर विपक्षी नेता अपनी रणनीति की समीक्षा भी करेंगे.




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