Here is why this post-graduate student became Gujarat First Female taxi driver

by -

अहमदाबाद। पढ़ाई-लिखाई करने के बाद हम सबका मकसद बस एक ही होता है एक अच्छी नौकरी पाना। इसके लिए हम जी भर कर मेहनत भी करते हैं। डिग्रियों के पीछे भागते हैं। इन्हीं की बदौलत हम अच्छी नौकरी हासिल करते है, लेकिन गुजरात के अहमदाबाद की मोनिका यादव ने इस विचारधारा को तोड़ते हुएअपने दिल की सुनी। पर्यावरण विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री हासिलके करने बाद बजाए अच्छी नौकरी करने के मोनिका ने टैक्सी ड्राइवर बनने का फैसला किया।

गुजरात की पहली महिला टैक्सी ड्राइवर

मोनिका ने एप आधारित टैक्सी कंपनी उबर से संपर्क किया और बन गई गुजरात की पहली महिला टैक्सी ड्राइवर। सब मोनिका के इस फैसले से हैरान हैं। इतना पढ़ने लिखने के बाद मोनिका ने टैक्सी ड्राइवर की नौकरी चुनी। परिवारवालों ने समझाने की कोशिश भी की, लेकिन मोनिका ने अपने दिल के आगे किसी की न सुनी।


ड्राइविंग और घूमने का शौक

उसने खुद अपने फेसबुक पेज पर इस बारे में पोस्ट लिखा है। मोनिका ने लिखा है कि उसे 9-5 की नौकरी करनी कभी भी पंसद नहीं थी। उसे घूमने और ड्राइविंग का बहुत शौक है। वो हमेशा से ऐसी नौकरी करना चाहती थी, जिसमें उसे गाड़ी चलाने का मौका मिले। पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद जब नौकरी की बारी आई तो उसने टैक्सी ड्राइवर बनने का सोचा।

पहले उसने ओला से संपर्क किया, लेकिन लड़की होने की वजह से उसे वहां नौकरी नहीं दी गई। मोनिका हर हाल में टैक्सी ड्राइवर ही बनना चाहती थी, इसलिए उसने उबर से संपर्क किया। यहां उसे नौकरी मिल गई। मोनिका अपनी इस नौकरी से बेहद खुश है। वो कहती है कि वो अपनी इस नौकरी से बेहद खुश है और इसे इंज्वाइ कर रही है। हलांकि लोग उसके इस फैसले पर उसका मजाक उड़ा रहे है, लेकिन कई लोग ऐसे भी है, जिन्होंने उसकी तारीफ की है।





News Source

Related Stories