43 Dalits Got Arrested Who Tried To Gift A 125 Kg Soap To CM Yogi

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लखनऊ जा रहे दलित कम्युनिटी के 43 लोगों को पुलिस ने झांसी में ट्रेन से उतारकर हिरासत में ले लिया। इनमें 13 महिलाएं भी हैं।

झांसी. दलितों के कथित अपमान के विरोध में योगी आदित्यनाथ को 125 किलो का साबुन गिफ्ट करने जा रहे 43 लोगों को पुलिस ने झांसी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। इनमें 13 महिलाएं भी हैं। ये सभी गुजरात की दलित कम्युनिटी से थे और लखनऊ जा रहे थे। बता दें कि 30 मई को योगी कुशीनगर के मुसहर टोला गांव के दौरे पर गए। कहा जाता है कि इससे पहले अफसरों ने गांव के दलितों को साबुन-शैम्पू बांटे थे। उन्हें योगी से मिलने से पहले नहाने को कहा गया था। झांसी घूमकर लौटने की सलाह..


- दलितों के हक के लिए लड़ने वाले डॉ. अंबेडकर वेचाण प्रतिबंध समिति के वर्कर्स ने रविवार को झांसी रेलवे स्टेशन पर नारेबाजी की।
- इस दौरान पुलिस ने उन्हें अरेस्ट कर लिया। उन्हें यहां के इरिगेशन डिपार्टमेंट के रेस्ट हाउस में रखा गया है।
- इन वर्कर्स ने बताया कि पुलिस ने उनसे कहा है कि वे लखनऊ नहीं जा सकते। झांसी अच्छी जगह है, यहीं घूमकर वापस चले जाएं।
 
दलितों पर लखनऊ में होना है प्रोग्राम
- सोमवार को बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच और दूसरे संगठनों की मदद से लखनऊ के प्रेस क्लब में दलितों के हालात पर प्रोग्राम है। ये वर्कर्स इसी में शामिल होने जा रहे थे। साथ ही योगी को गिफ्ट देेने के लिए यह साबुन ले जा रहे थे।
 
3000 रुपए से 10 दिन में बना साबुन
- समिति के नट्टू परमार ने बताया, "संगठन ने एक हजार महिलाओं से 10-10 रुपए जुटाए। इस तरह कुल 3 हजार 25 रुपए का कलेक्शन किया गया। इससे 10 दिन में 125 किलो का साबुन बनवाया गया।"
- परमार ने कहा, "यूपी सरकार ने दलितों का अपमान किया है। राज्य में बीजेपी की सरकार आने के बाद दलितों पर लगातार हमले हो रहे हैं। सहारनपुर में तो उनके घर तक जला दिए गए।"
 


साबुन पर बनी बुद्ध की तस्वीर
- इस साबुन पर भगवान बुद्ध की तस्वीर बनी है। समिति के वर्कर्स का कहना है कि वे योगी को महात्मा बौद्ध का संदेश देना चाहते हैं।
- समिति के मार्टिन मैकवान ने कहा, "कुशीनगर वही धरती है, जहां गौतम बुद्ध का परिनिर्वाण हुआ था। उसी जगह दलितों से बुरा बर्ताव किया गया। साबुन यह संदेश देने के लिए है कि सरकार अपनी सोच भी साफ करे।"
 
BJP कपड़े जैसी साफ हो जाएगी
- समिति के ही दिनेश सोलंकी ने बताया, "झांसी से पहले ललितपुर में ही कई पुलिसवाले आ गए। ट्रेन में हम लोगों की बर्थ
अलग-अलग थी। सभी को एक ही कोच में लाया गया। इसके बाद झांसी में उतार दिया गया।"
- दिनेश ने कहा, "हमने क्या गुनाह किया है? हम तो शांति से जा रहे थे। लखनऊ में हमारा प्रोग्राम है, लेकिन यहां पता नहीं क्यों बंधक बना
लिया गया है। हम सामाजिक कार्यकर्ता हैं। अन्याय के खिलाफ बोल रहे हैं। सरकार और पुलिस को तो क्राइम करने वालों को पकड़ना
चाहिए। ऐसा ही रहा तो बीजेपी की सरकार आने वाले दिनों में उसी तरह साफ हो जाएगी जैसे साबुन से कपड़े साफ होते हैं।
 




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